Saturday, August 29, 2009

mad भी हो सकते हैं ......

एक मित्र ने कहा यार ये बताओ सिधु जी इतना हँसते हैं is he mad ? मैंने कहा पता नही
वो पागल हैं कुछ भी हो सकते हैं ...mad भी ....

हाथी तोलने का बाट....

अरुण मित्तल "अदभु़त" का फ़ोन आया
किसी कवि सम्मलेन की चर्चा कर रहे थे॥
जो नही हुआ
कारण बताते हुए आदरनीय बोले "यार कार्क्रम तो फाइनल ही था ,मगर एक महिला जिसका वजन हाथी तोलने के बाट में काम आ सकता है। ने काम ख़राब कर दिया ...सौभाग्य से मैं भी उस महिला को जनता हूँ॥ सच में ही २ हाथी एक साथ तोले जा सकते हैं..और ईश्वर से कामना है जो भी हमारा कार्यकर्म रुकवाए हाथी तोलने के ही काम आये ...

चल पिटते हैं.....

बहुत दिनों से सरकारी बैंक में चिराग का काम अटका हुआ है। ... कई बार चक्कर लगाने के बाद भी काम नही हो रहा
आज चिराग मिला तो कहता हैं यार बहुत दिनों से एक छोटा सा काम नही हो रहा बैंक वालों ने परेशान कर रखा है ।
कुछ करना पडेगा ।
मैंने कहा चल आज बैंक वालों से पिटते हैं ॥
शायद हमे पीट के वो खुश हो जाए और काम कर दे ...इतना सुन कर चिराग बस देर तक हँसता रहा
उस के बाद कोई हमारा काम नही करता तो चिराग हमेशा कहता हैं
भाई साहब पिटें इन से ....